जो भी धाम चन्दीपुर में आता भाग्य जग जाता है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जो भी धाम चन्दीपुर में आता भाग्य जग जाता है

वो जीवन का सारा सुख है पाता भाग्ये जग जाता है,

रेहती याहा पे है चंदीपुर की माता नो दिन होता वाहा पे जगराता,

जो भी श्रधा से शीश है झुकाता भाग्ये जग जाता है,

फूल कलि माँ की है बड़ी प्यारी यादे जो भी आये धाम पूरी होती है मुरादे

जो भी एक बार दर्शन को है आता

भाग्ये जग जाता है,

माँ का है दरबार ये तो बड़ा पावन अरुण मिशरा ने बनवाया है लुभावन

भजन सातिंदर सब को सुनाता भाग्ये जग जाता है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।