वो दिन कभी ना आए बाबा तुम्हे भुला दे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

वो दिन कभी ना आए बाबा तुम्हे भुला दे

ग़र जो तुम्हे भुला दे, गर जो तुम्हे भुला दे,

तो हस्ती मेरी मिटा दे,

वो दिन कभी ना आएं, बाबा तुम्हें भुला दें।

करके तुम्हारी चर्चा, जीवन के दिन बिताएं,

प्रेमी से तेरे मिलकर, रिश्ता नया बनाएं,

करता जो प्रेम तुमसे, करता जो प्रेम तुमसे,

उनसे हमें मिला दे,

वो दिन कभी ना आएं, बाबा तुम्हें भुला दें।

सुनले मेरी हक़ीक़त, तुझसे ही मेरी ईज्जत,

जो कुछ दिया है तूने, करता तू हिफाजत,

जिस बाग का तू माली, जिस बाग का तू माली,

उजड़ा चमन खिला दे,

वो दिन कभी ना आए, बाबा तुम्हे भुला दे।।

भक्ति में क्या असर है, महसूस कर रहा हूँ,

तेरी दया से बाबा, आगे ही बढ़ रहा हूँ,

जैसा भी हूँ मैं तेरा, जैसा भी हूँ मैं तेरा,

मुझको तू ही निभाए,

वो दिन कभी ना आएं, बाबा तुम्हें भुला दें

आनंद बरस रहा है, पथ पे तुम्हारे चलकर,

शक्ति बड़ी मिली है, भक्ति प्याला पीकर,

मंजिल मेरी तू ही है, मंजिल मेरी तू ही है,

रस्ता तू ही दिखा दे,

वो दिन कभी ना आएं, बाबा तुम्हें भुला दें।

वो दिन कभी ना आये, बाबा तुम्हे भुला दे,

गर जो तुम्हे भुला दे, गर जो तुम्हे भुला दे,

तो हस्ती मेरी मिटा दे,

वो दिन कभी ना आएं, बाबा तुम्हें भुला दें।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।