ये गोटेदार लहंगा निकली मां डाल के

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

यह गोटेदार लहंगा निकली मां डाल के

भक्त भी झुक झुक जाए मैया की चाल पे

निर्धन है बैठे मैया आस लगाई के

धन दौलत दे दो मैया भवन में आय के

कुंवारी बैठी मैया आस लगाई के

सुंदर वर दे दो मैया भवन में आए के

बाझन है बैठी मैया आस लगाई के

संतान दे दो मैया भवन में आए के

रोगी है बैठे मैया आस लगाई के

निरोगी काया दे दो मैया भवन में आए के

भक्त हैं बैठे मैया आस लगाई के

दर्शन है दे दो मैया भवन में आई के

नीलम अग्रवाल

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।