सुनी सुनाई बात नहीं अपना अनुभव बतलाता हूँ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सुनी सुनाई बात नहीं अपना अनुभव बतलाता हूँ

जबसे जुड़ा हूँ इस दरबार से बैठा मौज उड़ाता हूँ

किस्मत वाला हूँ मुझको इतना प्यारा दरबार मिला

मैंने जब जब जो भी माँगा मुझको तो हर बार मिला

मैंने सब कुछ यहीं से पाया इसीलिए गुण जाता हूँ

जबसे जुड़ा हूँ इस दरबार से बैठा मौज उड़ाता हूँ

सच्ची श्रद्धा लेकर जो भी इस दरबार में आता है

खाली झोली लेकर आता झोली भर कर जाता है

यहाँ का झाड़ा रोग मिटाये दिल की बात बताता हूँ

जबसे जुड़ा हूँ इस दरबार से बैठा मौज उड़ाता हूँ

भेद भाव यहाँ कुछ नहीं चलता सबको बराबर मान मिला

मुझको तो औकात से बढ़ कर यहाँ मान सम्मान मिला

अमरीश की पहचान यही है सबको आज बताता हूँ

जबसे जुड़ा हूँ इस दरबार से बैठा मौज उड़ाता हूँ

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।