सिया हौले चले ससुराल गालियां

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

सिया हौले हौले चले ससुराल गलियां

ससुराल गलियां अवध की गलियां

रानी कौशल्या आवे बलि बलि जावे

राजा दशरथ लूटावे सोने की गिन्नियां

रानी कैकेई आवे बलि बलि जावे

भरत जी मागे गोद बैठे की अंगूठियां

रानी सुमित्रा आवे बलि बलि जावे

लक्ष्मण जी भाभी से लेवे चुटकियां

अवध वासी आवे बलि बलि जावे

सबकी करो पूरण तुम मनोरथिया

Neelam Agrawal

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।