राम सूर्य राम चंद्र राम किरण आस है

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

राम सूर्य राम चंद्र राम किरण आस है:

राम सूर्य राम चंद्र

राम किरण आस है,

राम धरा राम महीधर,

राम नभ विश्वास है

राम स्वर राम सरगम

राम धुन और ताल है,

राम लय राम गीत,

राम मौन वाचाल है

राम सृष्टि राम बृष्टि

राम ग्रीष्म शीत है,

राम दीप राम ज्योति,

राम शांति गीत है

राम दया राम दुआ

राम लहर चाह है,

राम क्षेम राम आश्रय,

राम अभय राह है

राम योग राम ध्यान

राम मोह प्रीत है,

राम रास राम ज्ञान,

राम सखा मीत है

राम जन्म राम मोक्ष

राम ही आराध्य है,

राम काल राम सृजन

राम रमण साध्य है

रचना आभार : ज्योति नारायण पाठक

वाराणसी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।