प्रभु मिल जाएंगे

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

प्रेम की अगन हो,भक्ति सघन हो,

मन में लगन हो तो,प्रभु मिल जाएंगे ॥

हृदय में भाव हो,अनुनय की छांव हो॥

आराधन का गांव हो,तो मन खिल जाएंगे॥

प्रेम की अगन हो....................

श्रद्धा की जोत हो,मैन में ना खोट हो॥

करुणा का स्रोत हो,तो प्रभु श्री आएंगे ॥

प्रेम की अगन हो....................

चरणों की छाह हो,भक्ति प्रवाह हो॥

पूजा की राह हो,तो प्रभु हर्षाएंगे॥

प्रेम की अगन हो....................

भजनों के बोल हो,भाव अनमोल हो

अर्चन के मोल हो,तो प्रभु मुस्काएँगे॥

प्रेम की अगन हो....................

नारायण धन हो,छवि में मगन हो

अर्चन वंदन हो, तो प्रभु दर्शाएंगे॥

प्रेम की अगन हो,भक्ति सघन हो

मन में लगन हो तो,प्रभु मिल जाएंगे ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।