भोले ओ भोले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले ओ भोले

तू रुठा दिल टूटा मेरे यार को मना दे

वो प्यार फिर जगा दे..॥भोले ओ भोले

वो बिछडा तो कसम से फिर मे ना जी सकूगा ,

मेरे भोले तेरे जेसे ,मे जहर ना पी सकूगा

जिस्म हूँ मे वो जान है, मेरी उसको नही पेहचान ,॥

प्यार मेरा तू जाने मेरे यार को मिला दे वो प्यार फिर जगा दे ,

क्या होगा फिर तेरा गौरी जो रूठ जाये ,

शंकर तेरे माथे चंदा जो टूट जाये ,

डम डम डमरू ना बाजे ,बम बम फिर तू ना नाचे ॥

यार अगर माने मेरे यार को मिला दे वो प्यार फिर जगा दे

भोले ओ भोले

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।