सच केहता हु किस्मत बुलंद हो गई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बात बताऊ अपनी जब से श्याम शरण में आया,

जो न सोचा था सपने में वो सब याहा से पाया,

राहे मुश्किलों की मेरी बंद हो गई

सच केहता हु किस्मत बुलंद हो गई,

बाबा ने तोड़ दिया दुःख की जंजीर को

पल भर में हाथो की बदली लकीर को

तेज आंधी चलनी गम की बंद हो गई

सच केहता हु किस्मत बुलंद हो गई,

रंग अपना संवारे ने ऐसा लगाया

प्यार से मेरा हर लम्हा सजाया,

सांसो में सांवरियां की सुगंद हो गई

सच केहता हु किस्मत बुलंद हो गई,

थामा है हाथ मेरा बाबा ने जब से

कुंदन कमी न रही मुझे तब से

मेरी जन्दगी मन पसंद हो गई

सच केहता हु किस्मत बुलंद हो गई,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।