मेरी बिगड़ी बनाई बात माँ शेरावाली ने

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरी बिगड़ी बनाई बात माँ शेरावाली ने

मेरा खूब निभाया साथ माँ शेरावाली ने

काली ने महाकाली ने

भटक रही थी मैं तो कब से

आया एक संदेशा नभ से

लगन लगी चरणों में जबसे

हुई भगतनी माँ की तब से

मुझे दिखलाई करामात माँ पहाड़ावाली ने

जब जब मैं कष्टों ने घेरी

चामुंडा की माला फेरी

काल भैरवी चंडी तेरी

राखी पाठ दुर्गा ने मेरी

मेरा पकड़ उभरा हाथ माँ शेरावाली ने

मन मंदिर में ज्योत जागकर

प्रेम का सागर चलो बहाकर

सत्य अहिंसा को अपनाकर

कवी विजन देखो अजमाकर

रेहमत करदी माँ ज्योतावाली ने

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।