घूमतडा घर आवो गजानंद

मीरा बाई
हनुमान जी भजन कृष्ण भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

घूमतडा घर आवो गजानंद ,

म्हारा प्यारा ओ गजानंद,

खेलतडा घर आवो जी,

मुषे असवारी गणपति पधारो,

संग में रिद्धि – सिद्धि लावो जी

ब्रह्मा पधारो विष्णुजी पधारो ,

संग में सरस्वती लावो जी।

घूमतडा घर आवो गजानंद ,

खोल जटा शिवशंकर पधारो,

संग में पार्वती लावो जी

राम पधारो लक्ष्मण पधारो,

संग सिया सती लावो जी

घूमतडा घर आवो गजानंद ,

राम दास हनुमान पधारो,

संग में भेरू लावो जी

मुरली बजावत कृष्ण पधारो,

संग में राधा रानी लावो जी

घूमतडा घर आवो गजानंद ,

नीले असवरी बाबा रामदेवजी पधारो,

संग में नेतल रानी लावो जी

बाई मीरा कहे प्रभु गिरधर नागर,

हरक हरक गुण गावो जी

घूमतडा घर आवो गजानंद ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।