बाबो भोलो अमलीडो

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

अरे अमलीडो अमलीडो अमलीड़ो अमलीड़ों भोलो,

भगतां ने लागे भालो म्हारो नाथ तिलसमां वालो,

यो बाबो भोलो अमलीडो

अमलीडो गांजा की चलमां पीवे यो भांग धतूरा खावे,

यो बाबो भोलोअमलीड़ो,

अरे अमलीडो......

अमलीडो गले में नाग लटकावे,

यो डम डम डमरू बजावे

यो बाबो भोलो अमलीडो,

अरे अमलीडो.......

अमलीडो दुखियाँ का दुखड़ा काटे,

यो चरम रोग ने काटे

यो बाबो भोळो अमलीडो

अरे अमलीडो .......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।