नवरात्रों का आया त्यौहार

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

नवरात्रों का आया त्यौहार, मन मेरा नाच उठा

दिल में माँ की छवि उतार, मन मेरा नाच उठा

मन करता माँ तेरा दर्शन पाऊँ,

चल के जल्दी तेरे दर पे आऊँ,

भेटां लेकर माँ जगदम्बे,

चरणों में श्रद्धा से चढाऊँ,

तेरी मूर्ति... तेरी मूर्ति देखूं बार बार

मन मेरा नाच उठा

नवरात्रों का आया त्यौहार..........

भवन मैय्या का खूब सजेगा,

भक्तों का तांता भी लगेगा,

अद्भुत शोभा होगी न्यारी ,

सजी लगेगी माँ प्यारी प्यारी,

हम भी आएंगे... हम भी आएंगे चल दरबार

मन मेरा नाच उठा

नवरात्रों का आया त्यौहार..........

दर पे होगा अजब नज़ारा,

खुशबू से महकेगा आंगन सारा,

चरण गंगा की कलकल होगी,

देव लोक ना देखी होगी,

खुश होंगे... खुश होंगे देव भी निहार

मन मेरा नाच उठा

नवरात्रों का आया त्यौहार........

भक्त श्रद्धा से चल दर आयेंगे,

जयकारे ला भेटां गायेंगे,

दर तेरे पे पहुंच के माता,

भाग्य पे अपने इतराएंगे

तू सबको....तू सबको दे खुशी भण्डार

मन मेरा नाच उठा

नवरात्रों का आया त्यौहार.........

सुख दाती दुखहरणी माता,

तेरे साथ जन्मों का नाता,

चिन्ता सब की तू हर लेती,

झोलियां खुशियों से भर देती,

"अदिति" को...."अदिति" को दो सुख अपार

मन मेरा नाच उठा

नवरात्रों का आया त्यौहार, मन मेरा नाच उठा।

दिल में माँ की छवि उतार, मन मेरा नाच उठा।।

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।