मेरा यार है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले बाबा का नील कंठ दरबार है

वो डमरू वाला नील कंठ मेरा यार है

नील कंठ के उपर जो सरकार है

वो मेरा यार ...

भोले तेरी पिंडी पे है भांग धतुरा चडता,

भरता है पल में झोली मन ईशा पूरी करता

सुनता है सब की तू करुना पुकार है,

मेरा यार है वो मेरा यार है

भोले बाबा का नील कंठ दरबार है

तेरे दर पे भोले कावड श्रधा से जो भी लाता

मुह माँगा वर पा जाता

और जीवन सफल बनाता

जो सारे जगत के देखो पालनहार है

मेरा यार है वो मेरा यार है

भोले बाबा का नील कंठ दरबार है

देवो के ये महादेवा भोले शंकर कहलाते

बरह्मा विष्णु भी देखो इनका गुण गाते

नागर कहता इनकी महिमा अपार है

मेरा यार है वो मेरा यार है

भोले बाबा का नील कंठ दरबार है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।