तू की जाने सावरिया की दुखड़े हुन्दे ने

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तू की जाने सावरिया की दुखड़े हुन्दे ने

दिल तड़पे हर वेले मेरे नैन रोंदे ने

भरी सभा विच द्रौपती वाजा मारदी

जांदी रखलो लाज मेरी श्री कृष्ण पुकारदी

तू की...........

भरी सभा विच आके भगवन चीर वदन्दे ने

डूबदी नैया द्रौपती दी पार लगानदे ने

तू की..........

तता खम्बा देखके प्रह्लाद डोलिया

हुन नहीं बचदा तू पुतरा हिरनाकुश बोलिया

तू की..........

कीड़ी रूप धारके हरी दरश दिखांदे ने

हिरनाकुश नु मार के प्रह्लाद बचांदे ने

तू की..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।