रंग चढ़ गया माँ वाला लाल

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

रंग चढ़ गया माँ वाला लाल

आज ते कमाल हो गई

कमाल हो गई जी कमाल हो गई जी

रंग चढ़ गया माँ वाला लाल

मैया वाला रंग किस किस नु है चढ़ जांदा,

ओहियो तर जांदा जेह्डा पल्ला माँ दा फड दा,

मैं ते हो गई मालो माल अज ते कमाल हो गई

रंग चढ़ गया माँ वाला लाल

दुनिया ता दाती मेनू धक्के रेह्न्दी मारदी

तेरे भरोसे मैं भी होंसला नही हारदी

मैया हर दम मेरे नाल अज ते कमाल हो गई

रंग चढ़ गया माँ वाला लाल

तेरे प्यार वाला दाती मेनू रंग चडेया

सारेया ने छड़ेया ऐ तूहीयो हथ फड़ेया

साथ जेया दा माँ हो गया अज ते कमाल हो गई

रंग चढ़ गया माँ वाला लाल

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।