गाड़ी मारी सीधी रूणिचा जाई

पारंपरिक
अन्य भजन विविध भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

गाड़ी मारी सीधी रूणिचा जाई

ज्यामे बैठ चलो मेरे भाई

ना में लेउ भाड़ो किरायों ना मजदूरी मेरा भाई

इण गाड़ी में वो नर जावे जिण ने बाबो बुलाई

गाड़ी मारी सीधी। …..

इण गाड़ी में ना बेलिया ना घोडा मेरा भाई

धर्मी नर गोता नहीं खावेपापी पूछे नाई

गाड़ी मारी सीधी …..

इण गाड़ी में भूख लगे ना नाही प्यास मेरे भाई

तन की सूद बुद सब भुलावे फ़िकर नहीं मेरा भाई

गाड़ी मारी सीधी …..

इण गाड़ी में लाछा सुगना बैठी डाली बाई

हरजी भाटी चवर ढुलावे ज्यारा नाम होया जग माई

गाड़ी मारी सीधी …

साची बात बताई पारासर ,नर दल मेरा भाई

गलती वे तो माफ़ी दीज्यो ,गावे नरेश भाई

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।