॥ पावन पाठ ॥
मैं हूँ गरीब माँ भक्ति का,
दो दान मुझे प्रेम भक्ति का,
तुझे अपने मन मैं देख लू वह ध्यान दो ज्ञान,
मैं किसी को अपना बना सकू मुझे ऐसी मधुर जुबान दो,
तेरे दर पर आया हु मैं अम्बे ,॥
मुजको आचल मैं अपने छुपा लेना
मैं हूँ गरीब माँ भक्ति का,