चला आ जल्दी संवारे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तुम से मिलने की आस मेंमधुवन में देखू राह राह,

चला आ जल्दी संवारे

मेरे नैना हो गए वन्वारे,

और थक गई मेरी निगा चला आ जल्दी संवारे

बादल में चमके बीजुरी

और घटा उठी काली छा,

चला आ जल्दी संवारे

मोसम की रंगत देख के मेरे दिल से निकल आह आह ,

चला आ जल्दी संवारे

कहे राज अनाडी संवारे पूरी करनी की चा चा

चला आ जल्दी संवारे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।