हम आये है तेरे द्वार

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

हम आये है तेरे द्वार गिरजा के ललना ,

हो देवो के सरदार गिरजा के ललना ,

करने दीदार दीदार दीदार दीदार गिरजा के ललना ,

अरे दे ताली दे ताली नाचे रे सब भक्त तेरे अंगना,

हम आये हैं तेरे द्वार....

लंबोदर गजबदन गजानन, लाये खुशहाली,

महक उठे वन उपवन खेतन, आई हरियाली,

अरे झूम झूम के भगता तेरी करते वंदना,

अरे दे ताली दे ताली,

हम आये हैं....

तीजा रही उपासी गौरा, सह के कठिन कलेश

लगत चौथ चंदा के नाईं, पूजे गौर गणेश

अरे लालन बनके महा शक्ति के,झूले झूलना

अरे दे ताली,

हम आये हैं ....

घर घर मे तुम आये गणपति, हो रही जै जैकार

ये बेनाम खड़ा कर जोरे, ले फूलन के हार

अपने इस संदीप को गणपति, दाता न भूलना

अरे दे ताली ,

हम आये हैं तेरे....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।