वीणो बाजे सांवरिया थारे नाम रो रे

मीरा बाई
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कोनी नुगरा रे वाले काम रो रे ,

वीणो बाजे सांवरिया थारे नाम रो रे

नाम रो रे मोटा काम रो रे,

वीणो बाजे सांवरिया थारे नाम रो रे

सांवरा निम्ब री निम्बोली घनी खारी रे,

आम्बो फाटो नी केरी कारी रे

वीणो बाजे सांवरिया थारे नाम रो रे

कोनी नुगरा ….

सांवरा मापर तलवारो क्यूँ तानी रे,

तानी क्यूँ घाली पाची म्यान में रे,

वीणो बाजे सांवरिया थारे नाम रो रे,

कोनी नुगरा ….

सांवरा संतो ने बुलाया घना मान सु रे,

बाता करे रे पराया कान में रे,

वीणो बाजे सांवरिया थारे नाम रो रे,

कोनी नुगरा ….

सांवरा बाई मीरा री सुनलो विनति रे,

मारे भगवा री लज्या राखजो रे,

वीणो बाजे सांवरिया थारे नाम रो रे,

कोनी नुगरा रे वाले काम रो रे,

वीणो बाजे सांवरिया थारे नाम रो रे,

नाम रो रे मोटा काम रो रे,

वीणो बाजे सांवरिया थारे नाम रो रे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।