दिल की यह बात अपनी सबसे कहेंगे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दिल की ये बात अपनी सबसे कहेंगे

दिल की ये बात अपनी सबसे कहेंगे सबसे कहेंगे,

हम तो बिहारी जी के हम तो किशोरी जू के बनके रहेंगे,

दिल की यें बात अपनी...

चिंता नहीं है भवसागर तरण की सागर तरण की,

प्रेम सरोवर की धारा में बहेंगे हम तो बिहारी जी के,

हम तो किशोरी जू के बनके रहेंगे,

दिल की यें बात अपनी सबसे कहेंगे सबसे कहेंगे,

हम तो बिहारी जी के हम तो किशोरी जू के बनके रहेंगे

दिल की यें बात अपनी..

किसी को है बल तन का किसी को है बल धन का,

किसी को है बल धन का श्यामा श्याम नाम धन पाते रहेंगे,

हम तो बिहारी जी के हम तो किशोरी जू के बनके रहेंगे,

दिल की यें बात अपनी सबसे कहेंगे, सबसे कहेंगे,

हम तो बिहारी जी के हम तो किशोरी जू के बनके रहेंगे,

दिल की यें बात अपनी..

जैसे भी है अब हम है तुम्हारी शरण में,तुम्हारी शरण में,

‘चित्र-विचित्र’ को,स्वीकार करेंगे,हम तो बिहारी जी के,

हम तो किशोरी जू के,बनके रहेंगे,

दिल की यें बात अपनी,सबसे कहेंगे, सबसे कहेंगे,

हम तो बिहारी जी के,हम तो किशोरी जू के,बनके रहेंगे,

दिल की यें बात अपनी..

दिल की ये बात अपनी,सबसे कहेंगे, सबसे कहेंगे,

हम तो बिहारी जी के,हम तो किशोरी जू के,बनके रहेंगे,

दिल की यें बात अपनी..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।