सारे जग में नाम कमायो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सारे जग में नाम कमायो रे मीरां मेड़तणी,

अपणो गिरधर लाल रिझायो रे मीरां मेड़तणी,

राणो मीरां ने समझावे क्यूं राठौड़ी आण गमावे,

जग में लाज हमारी जावे रे मीरां मेड़तणी ,

सारे जग में नाम …..

राणो विषको प्यालो भेज्यो कयो मीरांने दे दीजो

ओ तो विष रो दूध बणायो रे मीरां मेड़तणी

सारे जग में नाम …..

सन्मुख सर्प पिटारो आयो मीरां हँसकर गळे लगायो,

ओ तो नवसर हार बणायो रे मीरां मेड़तणी ,

सारे जग में नाम …..

राणो मीरां ने मारण आयो आंख्यां घोर अंधारो छायो ,

वो तो बार बार पछतायो रे मीरां मेड़तणी

सारे जग में नाम …..

जब होश में राणो आयो चरणां में शीश नवायो

वो तो फळ करणी रो पायो रे मीरां मेड़तणी

सारे जग में नाम

जिनके रक्षक देवकी नंदन दुनियाँ करती है उनको वंदन

वातो वास वैकुण्ठां पायो रे मीरां मेड़तणी

सारे जग में नाम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।