श्याम प्रेम का लगेया रोग

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम प्रेम का लगेया रोग

मुझे दर्शन की बड़ी उम्मीद

पागल कहने लगे हैं लोग

देर करो ना दिखो अब दीड

मुझे दर्शन की बड़ी उम्मीद

श्याम प्रेम का लगेया रोग ...............

दुनिया ने रुला दिया तूने हंसा दिया

इश्क़ तेरे ने बाबा दीवना बना दिया

तेरी लगन लगी मन में ज्योत जगी

जब से तेरा साथ मिला हर ख़ुशी है मिली

बाबा दिल ये माने ना तेरे बिना कुछ भी जाने ना

श्याम प्रेम का लगेया रोग ....................

मेरे श्याम पिया लागे ना जिया

मेरे मन मंदिर में घर अपना बना लिया

कुछ ऐसा कर जाएँ तेरी रेहमत हम पाएं

तेरी कृपा से बाबा पापी भी तर जाएँ

प्यार में तेरे ओ मेरे श्याम

मैंने छोड़ा है सारा जहाँ

श्याम प्रेम का लगेया रोग ....................

राजू को बाबा तेरी ज़रूरत है

मोना कहती सांवरिया हमें तुमसे मोहब्बत है

तुझको बुलाएँगे पलकें बिछाएंगे

प्रिंस कहता बाबा तुमको ही चाहेंगे

अब सुनले तू सांवरिया मैंने तेरा ही नाम लिया

श्याम प्रेम का लगेया रोग

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।