हार कर दर पे जो आता है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हार कर दर पे जो आता है

सांवरा उनको अपनाता है

थोड़े आंसू और मन में भाव लिए

श्याम चरणों में जो आता है

हार कर दर पे ................

श्याम देता सहारा वो ही तो दे आसरा

बीच मंझधार जो कश्ती किनारा भी दे सांवरा

हर दम हारे का देता साथ है

ऐसा श्याम सरकार है

जिनकी साँसों में नित प्रेम है

सांवरा उनको अपनाता है

हार कर दर पे ................

ग़म के बदल जब छाये लीले चढ़ वो आता है

अपने भक्तों के जीवन के दुखड़े मिटा जाता है

आज के आंसू कल मोती बने अंश को हर पल विश्वास है

जिनकी आँखों में नित प्रेम है

सांवरा उनको अपनाता है

हार कर दर पे ................

घडी खुशियों की जब आये संग संग झूमता गाता है

संतोष के हर एक पल पल का साथी वो बन जाता है

जीवन बगिया महकता है मन में वो बस जाता है

जो इन्हे मानता मीत है सांवरा उनको अपनाता है

हार कर दर पे ................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।