गणपति बाप्पा आगये रे मौका पे चौका लगा गए रे

गोविंद सिंह बेनाम
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

विघ्नहरण मंगलकरणय मां गिरजा के लाल

अरे पृथ्वी लोक में आईके, कैसा किया कमाल

गणपति बाप्पा आगये रे, मौका पे चौका लगा गए रे

मौका पे चौका लगा गए बब्बा, मौका पे चौका लगा गए रे

गणपति बाप्पा....

सब देवों में जंग छिड़ी है,प्रथम पूज्य की होड़ लगी है

शिव गौरा के चरण मना लये रे,मौका पे चौका लगा गये रे

गणपति बाप्पा ....

व्यास मुनि गणपति को मनाये, चार वेद छै शास्त्र लिखाये

देखो ज्ञानी गुणी चकरा गए रे, मौका पे चौका लगा गए रे

गणपति बाप्पा...

एक दिन गौ मुख में भओ दंगा, पी गए गणपति पूरी गंगा

स्वामी लंबोदर कहला गए रे,मौका पे चौका लगा गए रे

गणपति बाप्पा...

सिंधुरासुर मार गिराया, कर लई है सिंदूरी काया

अपने भक्तों के भाग्य जगा गए रे, मौका पे चौका लगा गए रे

गणपति बाप्पा....

गायक - उदय लकी सोनी

गीतकार - गोविंद सिंह बेनाम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।