गिरधर गोपाल तेरी बात निराली

संत त्रिलोचन दर्शन दास जी
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

गिरधर गोपाल तेरी बात निराली

तेरी बात निराली ओ तेरी बात निराली

गिरधर गोपाल बंसी वाले तेरी बात निराली।

ओ तेरी बात निराली। ओ तेरी बात निराली।

तुम करने वाले हो तुम देने वाले हो

तेरी बात निराली। ओ तेरी बात निराली।

गिरधर गोपाल गिरधर गोपाल

गिरधर गोपाल तेरी बात निराली।

ओ तेरी बात निराली। ओ तेरी बात निराली।

तेरा तुझ को अर्पण तुझ को अर्पण

तेरे गुण क्या गाउ लीला धारी

हरे कृष्णा, कृष्णा, कृष्णा

मनमोहन मेरे कृष्ण मुरारी

कर्ता भी आप हो हर्ता भी आप हो।

तेरी बात निराली। ओ तेरी बात निराली।

गिरधर गोपाल बंसी वाले तेरी बात निराली।

प्रभु जी तेरी बात निराली। तेरी बात निराली।

कृपा निधान, तुम कृपा कर दो

हम सब ठहरे, दीन भिखारी

राधा के मोहन ,मीरा के मोहन

मीरा के मोहन,मेरा मन हर लो।

हर मन तिप्त आधाही

कहने को तुम हो सब के ठाकुर

मेरी भी पेज,सवारों ,

भक्तो भाव हो दासो का चाव हो

तेरी बात निराली। ओ तेरी बात निराली।

गिरधर गोपाल बंसी वाले तेरी बात निराली।

कवल नेन श्याम सलोने ,मोर मुकुट बंसी वाले

तेरा शुक्रिया हरपल तुमने ,मेरे काज सवारे

तुम करने वाले हो सब देने वाले

तेरी बात निराली। ओ तेरी बात निराली।

गिरधर गोपाल बंसी वाले तेरी बात निराली।

ओ तेरी बात निराली। ओ तेरी बात निराली।

स्वर -संत त्रिलोचन दर्शन दास जी

प्रभु जी का दास शिवा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।