छेती भवना ते बुला ले

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

छेती भवना ते बुला ले नच्दा गाऊंगा आवा मै

दर ते आवा मैं तेरा दर्शन पावा मैं

दर्शन पाके भंगडे पावा जय जय कार बुलावा मैं

छेती भवना ते बुला ले नच्दा गाऊंगा आवा मै

ठंडियाँ ठंडियाँ मस्त हवावा कोयल कु कु बोले

उचे पर्वत बैठी मैया अपनिया बाहा खोले

ठंडा वान गंगा दा पानी सब दे दिल नु मोह ले

छेती भवना ते बुला ले नच्दा गाऊंगा आवा मै

चरण पादुका दर्शन करके अर्धकवारी जाना,

सांझी छत ते बेह के मैया तेरा नाम ध्याना,

हाथी मथा कठिन चडाई पर मैं नही गबराना,

छेती भवना ते बुला ले नच्दा गाऊंगा आवा मै

भवन पोहंच के पिंडी रूप दा पावन दर्शन पाना

दिल विच रूप बसा के सोहना जीवन सफल बनाना

दर्शन फिर भेरो दे करके वापिस घर के आना

फिर बत्रा नु बुला के घर जागा करवावा मैं

छेती भवना ते बुला ले नच्दा गाऊंगा आवा मै

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।