हे गोविंद हे गोपाल हे दया निधान

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हे गोविन्द हे गोपाल, हे गोविन्द हे गोपाल

हे दया निधान

प्राणनाथ अनाथ सखे दीन दर्द निवार

हे गोविन्द हे गोपाल...

हे समरथ अगम्य पूर्ण

मोह माया धार

हे गोविन्द हे गोपाल...

अंध कूप महा भयानक

नानक पार उतार

हे गोविन्द हे गोपाल...

सिंगर -भरत कुमार, दबथरा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।