क्यों राधे रानी तेरी भौहें तनी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

क्यों राधे रानी तेरी भौहें तनी

बाते तू करती है क्यों कटकनी,

श्याम तेरी मुरली है सोदन बनी

रहे तेरे होठो पे हर दम तनी

क्यों राधे रानी तेरी भौहें तनी

कसमे वाधे छोड़ छाड़ के प्रीत हमारी तोड़ ताड़ के

प्रीत तेरी मुरली से हुई दुगनी

क्यों राधे रानी तेरी भौहें तनी

मेरी मुरलियां है हर हर बांस की

नही बनी ये राधे हाड और मॉस की

फिर तेरी ये सोतन ये कैसी बनी

श्याम तेरी मुरली सोतान बनी

मुरली उतर गई मेरे मन पे

आठ पेहर चोबीसो घंटे,

नाचे तेरे हाथो में बन फिर कली

क्यों राधे रानी तेरी भौहें तनी

तुम से प्रेम बंधा मेरा राधे तेरा हु तेरा मैं रहूगा राधे,

है ये अनाडी की नइ लेकनि.

श्याम तेरी मुरली सोतान बनी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।