साईं के दरबार में

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन साईं भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

खुशियों के दीपक जलते है,

साईं के दरबार में,

दुःख भी सारे सुख लगते है साईं के दरबार में

जिसने कभी उठाया साईं नाम जपंन का बीड़ा,

अनजाने में हर ली उसकी साईं ने हर पीड़ा

अन चाहे बादल छट ते है साईं के दरबार में,

जिस प्राणी ने सचे मन से साईं नाम पुकारा

रूप बदल कर आये साईं उसका भ्ग्ये सवारा,

बिगड़े भाग्ये सदा बनते है,साईं के दरबार में,

कट जाती है साईं जाप से वैरन काली राते

पूरी करते शिर्डी वाले मन की सभी मुरादे

अजल सभी भेवव मिलते है

साईं के दरबार में,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।