मेरी आँखों से आंसू बरसे है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन दुर्गा भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरी आँखों से आंसू बरसे है मैया कैसे करू मैं तेरी विदाई,

नो दिनों तेरे आंचल में कैसे सहू गी जुदाई,

मेरी आँखों से आंसू बरसे है मैया कैसे करू मैं तेरी विदाई,

रात दिन संग श्याम सवेरे सेवा करती आई,

तेरी ममता की छाया में जीवन लगे सुख दाई,

तेरी किरपा अगर साथ सदा मुझसे दूर न अब जाओ माँ

अब सुन ले मेरी दुहाई

आँखों से आंसू बरसे है मैया कैसे करू मैं तेरी विदाई,

पन्ना तेरे मैया मैंने नो दिन ज्योत जलाई,

स्वर्ग के जैसे द्वार मैं तेरे तन मन पावन हो जाए,

तडप के रोये मन मेरा माँ छोड़ के दूर न जाओ

अब सुन ले मेरी दुहाई

आँखों से आंसू बरसे है मैया कैसे करू मैं तेरी विदाई,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।