बोल सुवा राम राम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन राम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राम किया सुख उपजे और कृष्ण किया दुःख जाये

एक बार हरी ॐ रटे तो भव बंधन मिट जाय

बोल सुवा राम राम

मीठी मीठी वाणी रे

बोल सुवा राम राम

बोल सुवा राम राम

मीठी मीठी वाणी रे बोल सुवा राम राम ।

सोने के डाल सुवा पिंजरों घलाउ रे

पिंजरे में मोत्यां वाली झालरी लगाउ रे॥

बोल सुवा राम राम

मीठी मीठी वाणी रे।

चंपा के डाल सुवा हिंडोरो घलाउ रे ,

हिंडोरे बिठा म थाने हाथ स्यु हिंडावु रे॥

बोल सुवा राम राम ।

घिरत मिठाई सुवा लापसी बनाऊ रे,

आँवले रो रस तने घोल घोल पावू रे ॥

बोल सुवा राम राम मीठी मीठी वाणी रे

बोल सुवा राम राम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।