बाबोसा चूरूवाले भक्तो के रखवाले

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॥ पावन पाठ ॥

बाबोसा ,चुरू वाले , भक्तो के , रखवाले

जो द्वार आया , उसी ने तेरा प्यार पाया

सच्चे दिल से , जयकारा , बाबोसा , ये तुम्हारा

जिसने लगाया , उसी ने तेरा प्यार पाया

जो द्वार आया , उसी ने तेरा प्यार पाया

वो चुरू नगर जहाँ धाम है ,

श्री बाबोसा जिनका नाम है

जो सच्चे मन से याद करे ,आते ये उनके काम है

दुखः हरता , सुख करता , भक्तो की , झोली भरता

माँ छगनी का जाया , अजब है तेरी माया

जो द्वार आया , उसी ने तेरा प्यार पाया

वर बालाजी से पाया है ,

कलयुग का देव कहाया है

फिर बाबोसा के नाम से ,

ये इस दुनिया मे पूजाया है

हो..महिमा भारी , है तुम्हारी , ध्य्यावे जग के नर नारी

जिसने ने सर को झुकाया , पाई कृपा की है छाया ।

जो द्वार आया , उसी ने तेरा प्यार पाया

करदो मुझपे भी एक नजर

तेरे दर आऊ सब छोड़कर

फिर तेरी भक्ति में होके मगन , तेरा हो जाऊं में दिलबर

मेरे हमदम , कहे विक्रम , तेरी कृपा , रहे हरदम

अरदास लाया , शरण मे तेरी आया

जो द्वार आया , उसी ने तेरा प्यार पाया

बाबोसा ,चुरू वाले , भक्तो के , रखवाले

जो द्वार आया , उसी ने तेरा प्यार पाया

हो सच्चे दिल से , जयकारा , बाबोसा , ये तुम्हारा

जिसने लगाया , उसी ने तेरा प्यार पाया

बाबोसा ,चुरू वाले......

✍️ दिलीप सिंह सिसोदिया

" दिलबर '

नागदा जक्शन

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।