मैं खड़ी उडीका के आज

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैं खड़ी उडीका राह के आज मेरा श्याम आये गया ॥

जे श्याम न आया कोई पैगाम आवे गया ॥

मैं बैठी रस्ता रोक नी मैनु लोक पुछदे, मैनु लोक पुछदे ॥

यह रोग तोहे लाया तेरे हाथ न आवेगा,

जे श्याम .....

मैं उड़े उड़े पंछिया नु पूछा नी पत्ता श्याम,दा पत्ता श्याम दा॥

मैं उड़ न सका आप पत्ता कोण ल्यावेगा,

जे श्याम .....

मैं बेठी रातां कटा मेनू नींद ना अवे,॥

कद होवे गा सवेरा मेरा श्याम अयेगा,

जे श्याम .....

हुन आजा नन्दलाल मेरा वेख हाल वे मेरा वेख हाल वे -२

बिगड़ी होई दिशा दासी दी मेरा श्याम सवारेगा,

जे श्याम ......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।