अब तो बाबा सुन लो हम भगतो की दरकार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अब तो बाबा सुन लो हम भगतो की दरकार

अब के जन्मदिन से पेहले तुम खोल देना दरबार

हारे है बाबा हम तो बिना तेरे संवारे,

जीवन की डोर बाँधी तेरे संग संवारे

कार्तिक की ग्यारस पर हमे देदो ये उपहार ,

अब के जन्मदिन से पेहले तुम खोल देना दरबार

मिलने की चाहत दिल का चैन चुराये रातो की नींद मेरी उडी उडी जाए,

तरस रहे नैना तेरे दर्शन को दिलदार

अब के जन्मदिन से पेहले तुम खोल देना दरबार

अखियो में आंसू भरे बैठे इन्तजार में

भूखे है हम तो बाबा प्यासे तेरे प्यार में

चेहल दीवाने की तो अर्जी पड़लो सरकार

अब के जन्मदिन से पेहले तुम खोल देना दरबार

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।