थैंक यू थैंक यू सांवरियां

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे श्याम की कृपा नज़र जो मुझपे चल गई

सच कह रही हूँ लाटरी मेरी निकल गई

थैंक यू थैंक यू सांवरियां

कोई चिंता ना मुझको सताये

खुशियां सौगात ले लेके आएं

चैन से हो रहा है गुज़ारा

चमका किस्मत का मेरे सितारा

दुनिया बदल गई दुनिया बदल गई दुनिया बदल गई

मिला प्यार श्याम का मेरी दुनिया बदल गई

सच कह रही हूँ लाटरी मेरी निकल गई

थैंक यू थैंक यू सांवरियां

सांवरे की शरण जबसे आई

ज़िन्दगी अपनी मैंने सजाई

रंग इसका चढ़ा मुझपे ऐसा

चाँद और चांदनी का है जैसा

तबियत मचल गई तबियत मचल गई तबियत मचल गई

देखि जो आँखों से छवि तबियत मचल गई

सच कह रही हूँ लाटरी मेरी निकल गई

थैंक यू थैंक यू सांवरियां

मेरी चाहत से ज़्यादा मिला है

अब नहीं कोई शिकवा गिला है

श्याम से पाई ऐसा नज़राना

दिया कुंदन को दया का खज़ाना

मेरे यार टल गई मेरे यार टल गई मेरे यार टल गई

सारी बलाएँ सर से मेरे यार टल गई

सच कह रही हूँ लाटरी मेरी निकल गई

थैंक यू थैंक यू सांवरियां

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।