निरखे है सिणगार बाबा खाटू के मंदिर में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बैठ्यो सजधज कर श्री श्याम बाबा खाटू के मंदिर में

बाबा खाटू के मंदिर में बाबा खाटू के मंदिर में

बैठ्यो सजधज कर श्री श्याम ..................

कोई निरखे श्याम धणी ने कोई नौलख हार मणि ने

कोई निरखे है सिणगार बाबा खाटू के मंदिर में

बैठ्यो सजधज कर श्री श्याम ..................

कोई देखे सूरत थारी जावे सूरत पे बलिहारी

हो लेवे थारी नज़र उतार बाबा खाटू के मंदिर में

बैठ्यो सजधज कर श्री श्याम ..................

थारे मोर मुकुट सर सोहे थारी मुरली मनडो मोहे

हो सोहे रंग बिरंगा हार बाबा खाटू के मंदिर में

बैठ्यो सजधज कर श्री श्याम ..................

दर्शन देवो शीश का दानी आया सुरेश राजस्थानी

हो आयो दोनों हाथ पसार बाबा खाटू के मंदिर में

बैठ्यो सजधज कर श्री श्याम ..................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।