माता महादेवी है नाम

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

माता महादेवी है नाम,विराजी दशरमन में

सेवा में पंडा हज़ार,माई की मढुलिया में

माता महादेवी है नाम ....

आप विराजी सील में जाकर,नगरी बसा दई नीचे आकर

सेवा में सब नर नार,हए,माई की मढुलिया में

माता महादेवी है नाम.....

नीचे विराजे राम लला जी, संग में उनके सीता मां भी

सेवा में हनुमत लाल, हए, माई की मढुलिया में

माता महादेवी है नाम.....

नवराते में बोये जवारे,द्वार तुम्हारे काली नाचे

करते सब जय जयकार,हए,माई की मढुलिया में

माता महादेवी है नाम .....

भक्तों तुम भी अरज लगा लो, अपने बिगड़े काज सवारो

बनते हर बिगड़े काज,हए,माई की मढुलिया में

माता महादेवी है नाम....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।