करु वंदना तुम्हारी मां शारदे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

करु वंदना तुम्हारी मां शारदे

मां इतना प्यार दे करू वंदना तुम्हारी मां शारदे........

भरदे दामन में मेरे स्वर सागर के मोती

सुनी रचना में जगा तेरे नाम की ज्योति

सासो के साज को मेरे मां आवाज़ दे

करु वंदना तुम्हारी मां शारदे .........

तेरी कला में महके जीवन मेरा

सिर पे इस मजदूर के हाथ रहे मा तेरा

भक्त की मां अम्बे ऐसी तू बाहर दे

करु वंदना तुम्हारी मां शारदे...........

हृदय के इस हंस पे तेरी सजे सवारी

मन मंदिर में मां बजे वीणा बजे तुम्हारी

हर घड़ी मां मुझे ऐसे तू तार दे

करु वंदना तुम्हारी मां शारदे ..........

@ ललित गेरा झज्जर

(SLG Musician)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।