चाहे छोड़ जाए सब साथ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

चाहे छोड़ जाए सब साथ,

मगर तेरा साथ नहीं छूटे,

चाहे गम की हो बरसात,

मगर तेरा साथ नहीं छूटे,

चाहे छोड़ जाये सब साथ,

मगर तेरा साथ नहीं छूटे,

दुनिया चाहे कुछ भी समझे,

कोई फर्क मुझे पड़ता ही नहीं,

मुझे मेरे बाबा समझते है,

चाहे और कोई समझे ही नहीं,

चाहे रूठे हो हालात,

मगर तेरा साथ नहीं छूटे,

चाहे छोड़ जाये सब साथ,

मगर तेरा साथ नहीं छूटे

ले ले कर परीक्षा सेवक की,

पहले खुद दूर भगाते है,

फिर भी ना छोड़े जो दामन,

उसे अपने गले लगाते है,

चाहे हो अँधेरी रात,

मगर तेरा साथ नहीं छूटे,

चाहे छोड़ जाये सब साथ,

मगर तेरा साथ नहीं छूटे

जिसने भी इनको जाना है,

सबकुछ ही अपना माना है,

रखी कहती हर प्रेमी से,

प्रेमी का ये दीवाना है,

हर प्रेमी कहे दिन रात,

मगर तेरा साथ नहीं छूटे,

चाहे छोड़ जाये सब साथ,

मगर तेरा साथ नहीं छूटे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।