हे गौरा माँ पार्वती

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हे गौरा माँ पार्वती, तेरा दूल्हा कैसे आया है ll

दूल्हा कैसे आया है, तेरा दूल्हा कैसे आया है l

हे गौरा माँ पार्वती, तेरा दूल्हा कैसा आया है ll

हे गौरा माँ पार्वती l

सबके दूल्हे आते हैं, वो घोड़ी चढ़ के आते हैं l

तेरा दूल्हा पार्वती ll, बैल पे चढ़ के आया है l

हे गौरा माँ पार्वती,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

सबके दूल्हे आते हैं, वो बैंड बाजा लाते हैं l

तेरा दूल्हा पार्वती ll, डमरू बजाता आया है l

हे गौरा माँ पार्वती,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

सबके दूल्हे आते हैं, वो टाई पहनकर आते हैं l

तेरा दूल्हा पार्वती ll, भांग लपेटे आया है l

हे गौरा माँ पार्वती,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

सबके दूल्हे आते हैं, वो बूट शूट में आते हैं l

तेरा दूल्हा प्रवती ll, वाघंबर में आया है l

हे गौरा माँ पार्वती,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

सबके दूल्हा आते हैं, वो कोका कोला पीते हैं l

तेरा दूल्हा पार्वती ll, भांग चढ़ा के आया है l

हे गौरा माँ पार्वती,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

सबके दूल्हे आते हैं, वो चाट पकोड़ी खाते हैं l

तेरा दूल्हा पार्वती ll, भांग धतूरा खाता है l

हे गौरा माँ पार्वती,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

सबके दूल्हे आते हैं, वो गीत गुण गुनाते हैं l

तेरा दूल्हा पार्वती ll, बम बम करता आया है l

हे गौरा माँ पार्वती,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

सबके दूल्हे आते हैं, वो हीरे मोती लाते हैं l

तेरा दूल्हा पार्वती ll, नाग पटारी लाया है l

हे गौरा माँ पार्वती,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।