चप्पा चप्पा लंका जले

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

चप्पा चप्पा लंका जले हक्के बक्के हो गए सभी,

लंकापति हाथ मले चप्पा चप्पा लंका जले,

जल गई जल गई सोने की नगरिया।

गली गली बजरंगलंका को जला दिए,

रावण के मनसूबे ख़ाक में मिला दिए,

और बोले हम तो चले चप्पा चप्पा लँका जले,

चप्पा चप्पा लँका.........

सारे ही निशाचरो को बजरंग संहारे थे,

रावण की विरो को गिन गिन के मारे थे,

मसल दिए पैरो के तले चप्पा चप्पा लँका जले,

चप्पा चप्पा लँका जले,.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।