माये नि तेरा दिल दरया

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

हाले किसे नु न दरो परतावे माये नि तेरा दिल दरया,

हर आसी दी आस पूजावे

माये नि तेरा दिल दरया

दुनिया सुने न जिस दी दुहाई

उसदी तेरे दर हो वे सुनवाई

सुने सब दी न अपनी सुनावे

माये नि तेरा दिल दरया

कोई दुख्यारा जद कुर्लावे

सच खंड विच तेनु चैन न आवे

रोंदे बछड़े नु आन बनावे

माये नि तेरा दिल दरया

भूल के भी मेनू भूल न जावी

दास बंसत ते भी धर्म क्मावी

जीवे सबना ते धर्म कमावे

माये नि तेरा दिल दरया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।