आया मैं तेरे द्वार पे दुनिया से हार के

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आया मैं तेरे द्वार पे दुनिया से हार के,

मर्जी तेरी तू थाम ले चाहे विसार दे

गैरो की छोड़ो जो कभी मेरे करीब थे,

हसने लगे है आज वो भी मेरे नसीब पे,

रोने भी न दिया मुझे अपनों ने मार के

आया मैं तेरे द्वार पे दुनिया से हार के,

रेहमत की तेरी दासता सुन कर जहान में,

फर्यादी बन के आ गया मैं तेरे समाने,

लाखो को तूने तारा मुझको भी तार दे,

आया मैं तेरे द्वार पे दुनिया से हार के,

तेरा ही दर है आखिरी ये श्याम जान ले

सोनू की दुभती हुई कश्ती को थाम ले,

वर्ना ये प्राण जायेगे तेरे ही द्वार पे

आया मैं तेरे द्वार पे दुनिया से हार के,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।