गण नायक बन के

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गण नायक बन के,

बुध विनायक बन के,

प्रभु भक्तों के कष्ट मिटाना ll

हे रिद्धि सिद्धि के स्वामी l

प्रभु आप हो अन्तर्यामी l

सुंडधारी बन के, विघनहारी बन के,

हो के मूसे पे, सवार चले आना,,,

गण नायक बन के,,,,,,,,,,,,,,

हे वक्रतुण्ड अवतारी l

एक दंत की लीला भारी l

गजाधारी बन के. दुःखहारी बन के,

प्रभु दुष्टों से, हमको बचाना,,,

गण नायक बन के,,,,,,,,,,,,,,

हे लम्बोदर हितकारी l

प्रभु रखना लाज हमारी l

तन विशाल करके, महाँकाल बन के,

प्रभु असुरों को, मार गिराना,,,

गण नायक बन के,,,,,,,,,,,,,,

तेरी जय हो गणेश जग वंदन l

करते श्रद्धा के फूल हम अर्पण l

महाँज्ञानी बन के, वरदानी बनके,

शुभ लाभ, हमे वि कराना,,,

गण नायक बन के,,,,,,,,,,,,,,

सुनो गणपति बिनती हमारी l

भक्त करते गुणगान तुम्हारी l

लड्डू मेवा धर के, लाए थाली भर के,

प्रभु भोग, स्वीकार कर लेना,,,

गण नायक बन के,,,,,,,,,,,,,,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।