यशोदा तेरा लाला नटखट बड़ा है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

यशोदा तेरा लाला नटखट बड़ा है

तोड़ा इसने मेरा पानी का घड़ा है

पनघट पे जाऊं तो यह मिल जाए

तिरछे तिरछे नैनो से मुझको रिझाए

जाने ना देवे रस्ते में खड़ा है

उचक उचक के कंकरिया मारे

मटकी जो फूटी तो ताली बजावे

सौगंध दी तो हमसे लड़ा है

भोर हुई जब जमुना गई थी

सांझ ढले पर घर पहुंची थी

ऐसे नटखट से पाला पड़ा है

संग सहेली ताने मोहे मारे

क्यों गई अकेली कह के चिड़ावे

कैसे बताऊं मेरे दिल में बसा है

यशोदा तेरा लाला नटखट बड़ा है

Neelam Agrawal

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।