जिसने हम को जन्म दियां

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ना मंदिर न मस्जिद जानू ना जानू गुरुद्वारा

स्वर्ग से सुंदर लगता है घर में तीर्थ सारा,

मनका भ्रम निकालो अब तो माटी के इंसान है

जिसने हम को जन्म दियां वही मेरी भगवान है,

चल चल चल ओ साथी चल

बाहर तो है अनंत दिखावा है स्वार्थ की नगरी

मात पिता का सेवा ही है बस अमृत की गगरी

ना कुछ तेरा ना कुछ मेरा करता क्यों अभी मान है

जिसने हम को जन्म दियां वही मेरी भगवान है,

चल चल चल ओ साथी चल

दुनिया का ये रंग मंच पर है दो दिन का मेला

भीड़ लगा कर इस धरती पर दिखा रहे है खेला

सत यही है जाना सब को यही अवर गुणगान है

जिसने हम को जन्म दियां वही मेरी भगवान है,

चल चल चल ओ साथी चल

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।