तेरी जुदाई ने श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तू तो दया का सागर है महिमा तेरी उजागर है

तूने क्या जादू किया श्याम तेरी जुदाई ने रोना सुबह शाम कर दिया

तेरी जुदाई ने रोना सुबह शाम कर दिया

ग़म ने तुम्हारा मेरे दिल में मुकाम कर दिया

तेरी जुदाई ने...................

तुम तो जानते दर्द मेरा ध्यान धारण हर पल मैं तेरा

तू तो दया का सागर है महिमा तेरी उजागर है

तूने जाने क्या जादू मेरे श्याम कर दिया

तेरी जुदाई ने...................

छोड़ना न कभी साथ मेरा हाथ में रखना हाथ मेरा

ये है मेरी अरदास प्रभु रहना तू मेरे साथ प्रभु

अपने दिल में मैंने तेरा ही मुकाम कर लिया

तेरी जुदाई ने...................

तुम हो भक्तों के हितकारी श्याम मेरे लखदातारी

सबकी लाज बचाई हिअ तू सबका हमराही है

नीरज ने अपना जीवन तेरे नाम कर दिया

तेरी जुदाई ने...................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।