बड़े नाज़ुक हैं मेरे हालात

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बड़े नाज़ुक हैं मेरे हालात कन्हैया मेरी लाज रखना

कहलाते हो तुम दीनानाथ कन्हैया मेरी लाज रखना

कन्हैया मेरी लाज रखना ................

हमको ठगा है अपनों ने ही लूट लिया है सपनो ने ही

मेरी कुछ भी नहीं है औकात कन्हैया मेरी लाज रखना

कन्हैया मेरी लाज रखना ................

उलझन भी अब बढ़ती जाए हालत भी अब बिगड़ती जाए

मेरे बस में नहीं है अब ये बात कन्हैया मेरी लाज रखना

कन्हैया मेरी लाज रखना ................

मेरी बिगड़ी बात बना दो खुशियों से जीवन महका दो

चहुँ इतनी सी बस सौगात कन्हैया मेरी लाज रखना

कन्हैया मेरी लाज रखना ................

है अनमोल ये लाज का गहना इसके बिना बेकार है जीना

मोहित दिल के हैं ये जज़्बात कन्हैया मेरी लाज रखना

कन्हैया मेरी लाज रखना ................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।